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Sunday, August 22, 2010

पालिका चुनाव

पालिका चुनाव
राजेश दीक्षित
सत्ता की लहर में मतदाता
लोकसभा, निकाय, पंचायत और फिर निकाय चुनाव में कांग्रेस की जिले में चौतरफा लहर
२० अगस्त-2010
पाली। पाली जिले का मतदाता पिछले दो साल से राज्य की सत्ता के संग चल रहा है। विधानसभा चुनाव में जिले में कांग्रेस को करारी हार देखनी पड़ी हो, लेकिन इसके बाद जितने भी चुनाव हुए सभी में कांग्रेस ने भाजपा को चारों खाने पटकनी ही दी है। शुक्रवार की मतगणना के बाद आए नतीजे इस बात के गवाह हैं कि मतदाताओं ने कड़ी से कड़ी जोडऩे का काम किया है।
दिसम्बर 2008 में राज्य में विधानसभा चुनाव हुए। परिसीमन के बाद जिले में आठ के स्थान पर छह विधानसभा बनाई गई। इन विधानसभाओं में चार में भाजपा तो एक जगह कांग्रेस ने जीत दर्ज की, तो एक विधानसभा में कांग्रेस से बागी निर्दलीय प्रत्याशी जीते। राज्य में कांग्रेस ने सरकार बनाई। इसके बाद से तो जिले में कांग्रेस की लहर ही दौड़ती चली गई, लोकसभा के चुनाव हों या फिर निकाय, पंचायत राज के। सभी जगह कांग्रेस ने ही परचम लहराया।
विधानसभा के बाद मई 2009 में लोकसभा के चुनाव हुए। परिसीमन के कारण लोकसभा संसदीय क्षेत्र आठ विधानसभाओं का हो गया। जिसमें से पांच पाली और तीन जोधपुर जिले की विधानसभाएं शामिल थी। जिले की एक विधानसभा जैतारण को राजसमंद संसदीय क्षेत्र में शामिल कर दिया गया। लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की करारी हार हुई और कांग्रेस के बद्रीराम जाखड़ विजयी हुए।
लोकसभा चुनाव के छह माह बाद ही नवम्बर-2009 में राज्य में 46 निकायों के चुनाव हुए, उसमें पाली जिले के दो निकाय पाली नगर परिषद व सुमेरपुर नगरपालिका भी शामिल थे। इस चुनाव में पाली नगर परिषद में कांग्रेस तो सुमेरपुर नगरपालिका में भाजपा का कब्जा रहा।
दो माह बाद पंचायतराज चुनाव आ गए। जनवरी-फरवरी- 2010 में पंचायत चुनावों में कांग्रेस ने परचम लहराया। पाली जिला परिषद कांग्रेस के जिला प्रमुख बने और जिला परिषद की 33 सीटों में से 25 सीटों पर कांग्रेस तो 8 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। दस पंचायतों में जैतारण पंचायत समिति को छोड़कर नौ पंचायतों में कांग्रेस के प्रधान बने। जैतारण में कांग्रेस का बहुमत था, लेकिन यह सीट कांग्रेस के अंदरूनी झागड़े के कारण भाजपा के हाथ चली गई। इसके बाद शुक्रवार को आए परिणामों में भी कांग्रेस के प्रति मतदाताओं का रूझाान साफ तौर से देखने को मिला। सात पालिकाओं में से छह पालिकाओं में कांग्रेस के पालिकाध्यक्ष चुने गए हैं। इस तरह अब जिले की नौ निकायों में से सात पर कांग्रेस, एक भाजपा व एक निर्दलीय का कब्जा है।